🕉 आज का पंचांग – 16 जुलाई 2026, गुरुवार
📍 कोलकाता, भारत
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया | श्री जगन्नाथ रथयात्रा विशेष
सनातन धर्म में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं है, बल्कि यह शुभ-अशुभ समय, धार्मिक अनुष्ठान, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति तथा दैनिक जीवन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने वाला वैदिक ज्ञान है।
आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह दिन भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विश्वविख्यात रथयात्रा के कारण अत्यंत पावन माना जाता है। आज भगवान स्वयं अपने भक्तों के दर्शन देने के लिए रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं।
🗓️ पंचांग विवरण
🔸 दिनांक — 16 जुलाई 2026, गुरुवार
🔸 विक्रम संवत — 2083
🔸 शक संवत — 1948
🔸 ऋतु — वर्षा ऋतु
🔸 अयन — दक्षिणायन
🔸 मास — आषाढ़ मास
🔸 पक्ष — शुक्ल पक्ष
🔸 तिथि — द्वितीया रात्रि 08:52 बजे तक, तत्पश्चात तृतीया
🔸 नक्षत्र — आश्लेषा रात्रि 07:52 बजे तक, तत्पश्चात मघा
🔸 योग — सिद्धि योग दोपहर 01:22 बजे तक, तत्पश्चात व्यतीपात योग
🔸 करण — कौलव रात्रि 08:52 बजे तक, तत्पश्चात तैतिल एवं गर
🔸 वार — गुरुवार
☀️ सूर्य एवं चन्द्र
☀ सूर्योदय — प्रातः 05:01 बजे
🌇 सूर्यास्त — सायं 06:24 बजे
🌙 चन्द्रोदय — सायं 06:49 बजे
🌑 चन्द्रास्त — प्रातः 08:10 बजे
🌞 सूर्य राशि — मिथुन रात्रि 11:45 बजे तक, तत्पश्चात कर्क
🌙 चन्द्र राशि — कर्क रात्रि 07:52 बजे तक, तत्पश्चात सिंह
⏳ आज के शुभ एवं अशुभ मुहूर्त
⚠ राहुकाल
01:23 अपराह्न से 03:03 अपराह्न
✨ शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त — 11:16 पूर्वाह्न से 12:09 अपराह्न
- अमृत काल — 06:23 सायं से 07:52 सायं
- विजय मुहूर्त — 01:56 अपराह्न से 02:50 अपराह्न
- गोधूलि मुहूर्त — 06:23 सायं से 06:44 सायं
🔮 आज का शुभ चौघड़िया
🟢 शुभ — 05:01 से 06:42
⚪ चर — 10:02 से 11:43
🟢 लाभ — 11:43 से 01:23
🟢 अमृत — 01:23 से 03:03
🟢 शुभ — 04:44 से 06:24
🧭 दिशा शूल
दिशा शूल — दक्षिण दिशा
🚩 दिशा शूल परिहार
यदि आज दक्षिण दिशा की यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो तो घर से निकलने से पूर्व दही का सेवन करें अथवा भगवान विष्णु का स्मरण कर "ॐ नमो नारायणाय" मंत्र का 11 बार जप करें। ऐसा करने से दिशा शूल का दोष कम माना जाता है।
🚩 व्रत एवं पर्व विशेष
🌼 श्री जगन्नाथ रथयात्रा
आज भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की दिव्य रथयात्रा का पावन पर्व है।
सनातन परंपरा के अनुसार इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर से बाहर निकलते हैं। रथयात्रा का दर्शन, भगवान का स्मरण, भजन-कीर्तन तथा दान-पुण्य अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है।
✅ आज क्या करें?
- 🪔 भगवान श्रीजगन्नाथ, श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु की पूजा करें।
- 📿 "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
- 📖 श्रीमद्भगवद्गीता अथवा श्रीमद्भागवत का पाठ करें।
- 🐄 गौसेवा एवं गौग्रास अवश्य दें।
- 🌿 तुलसी माता की पूजा कर 11 परिक्रमा करें।
- 🍚 अन्न, वस्त्र एवं फल का दान करें।
- 🙏 भगवान के नाम का संकीर्तन करें।
- 🚩 यदि संभव हो तो श्री जगन्नाथ रथयात्रा का दर्शन करें।
❌ आज क्या नहीं करें?
- राहुकाल में नए एवं मांगलिक कार्य प्रारंभ न करें।
- किसी का अपमान, कटु वचन एवं क्रोध से बचें।
- नशा, मांसाहार एवं तामसिक भोजन से दूर रहें।
- माता-पिता, गुरु एवं गौ का अनादर न करें।
- झूठ, छल एवं किसी के प्रति द्वेष की भावना न रखें।
- धार्मिक कार्यों में आलस्य न करें।
🌷 आज का प्रेरक संदेश
"भगवान तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग भक्ति, सेवा और समर्पण है।"
आज भगवान श्रीजगन्नाथ का स्मरण करें, "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें तथा यथाशक्ति अन्न, वस्त्र एवं गौसेवा का पुण्य अर्जित करें। इससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🌿 वैदिक संस्कृति — एक कदम सनातन की ओर
वैदिक संस्कृति सनातन धर्म, दैनिक पंचांग, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, धर्म-अध्यात्म, वैदिक ज्ञान एवं धार्मिक समाचारों की प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने वाला समर्पित डिजिटल मंच है।
हमारा उद्देश्य भारतीय वैदिक परंपरा, संस्कृति एवं आध्यात्मिक ज्ञान को सरल भाषा में जन-जन तक पहुँचाना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति धर्म, संस्कार और सनातन मूल्यों से जुड़ सके।
✨ हमारी प्रमुख सेवाएँ
- 🕉️ दैनिक पंचांग
- 📿 व्रत एवं त्योहारों की जानकारी
- 🔱 धर्म एवं आध्यात्मिक समाचार
- 📖 धार्मिक कथाएँ एवं शास्त्रीय लेख
- 🌺 ज्योतिष एवं वास्तु
- 🛕 प्रमुख मंदिर एवं तीर्थ विशेष
- 🎥 धार्मिक कार्यक्रम एवं लाइव प्रसारण
🌐 वैदिक संस्कृति से जुड़ें
वेबसाइट:
www.vedicsanskriti.in
🚩 धर्म, भक्ति और संस्कारों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी सबसे पहले प्राप्त करें।
📌 पोस्ट पसंद आए तो Like, Share और Follow अवश्य करें।
🚩 सनातन धर्म का प्रचार ही सबसे बड़ा पुण्य है।
🚩 जय श्री जगन्नाथ।
🚩 जय सनातन धर्म।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें